कोल्हापूर सेवाकेंद्र के ४०वे वर्धापन दिवस के निमित्य ‘मास मेडिटेशन’

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चारो ओर शांती …..शांती मे कानोंतक आनेवाली एक आवाज …..मै आत्मा, देह और देह कि दुनिया से परे, बुद्धियोग बल से अपने असली घर शांतीधाम, परमधाम की यात्रा पर जा रही हू …..अपने प्यारे पिता के सम्मुख बैठ, निज स्वरूप शांती कि अनुभूती कर रही हू…..पुरे २०मि. शांती मे कानो तक आनेवाले इन स्वरो ने जैसे हजारो लोगो के मन को वश कर लिया था . भीड के बीच मे भी एकांत मे जाकर मेडिटेशन का अनुभव करने वाले लोगो के चेहरे पर सात्विक भाव दिखने लगे थे . आवाज रुक गाई और एक ही उत्साह सभी के चेहरो पर दिखाई दिया . मा.आबू स्थित प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के कोल्हापूर सेवाकेंद्र के ४०वे वर्धापन दिवस के निमित्य आयोजित ‘मास मेडिटेशन’ मे पुरे २६,४३५ लोग सहभागी हुये . इस अनोखे कार्यक्रम कि ‘एशिया बुक ऑफ रेकॉर्ड्स’ मे नुंध होने कि घोषणा कि गइ . इसके बाद गांधी मैदान के कोने कोने मे तालीयो कि गुंज के साथ आनंदोत्सव मनाया गया .

ये कार्यक्रम ब्राह्माकुमारीज की संयुक्त प्रशासिका डॉ. दादी रतन मोहिनीजी की प्रमुख उपस्थिती मे हुआ . इस समय बिहार के पूर्व राज्यपाल डॉ.डी.वाय.पाटील, ब्र.कु.के महाराष्ट्र व आन्ध्र प्रदेश की क्षेत्रिय संचालिका संतोष दीदी, जिला पुलीस अधिक्षक प्रदीप देशपांडे, भाजपा के महेश जाधव, एशिया बुक ऑफ रेकॉर्ड्स के मोहन जोशी आदी उपस्थित थे.

क्षेत्रिय संचालिका संतोष दीदी ने मेडिटेशन के लिये लोगो को मार्गदर्शित किया. तथा ‘दिनोदिन समाज मे तमोगुण बढ रहा है, अशांती बढ गइ है, इन सबमे बदलाव लाना हो तो योग करना जरुरी है. परमात्मा से टूटी हुई आत्मिक भावना योगद्वारा जोडी जाये तो  कलह, क्रोध से मन परिवर्तीत हो सकता है’ , ऐसा भी उन्होने बताया. डॉ. दादी रतन मोहिनीजी ने बताया की, ‘संस्कार परिवर्तन होने के बाद संसार परिवर्तन होता है. अगर भारत देश मे फिर से सतयुग लाना है तो संस्कारो का जतन करना आवश्यक है . इसके लिये परमात्मा की श्रीमत को लेकर आगे बढनां है.

कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुई . इस समय देशभक्ती पर गीत तथा नृत्याविष्कारोको सादर किया गया . कार्यक्रम स्थान पर डॉ.दादी रतन मोहिनीजी का स्वागत अनोखे ढंग से हुआ . ३०० कुमारीया लक्ष्मी नारायण की वेशभूषा परिधान कर भव्य सवाद्य रैली के साथ दादिजी स्टेज पर पधारे . पुरे कार्यक्रम मे स्वच्छता, स्वास्थ्य व स्वर्णिम भारत के लिये संदेश दिया गया . इनके प्रतीकात्मक संत गाडगेबाबा, मदर टेरेसा व लक्ष्मी नारायण ने भी स्टेज पर आकर दादिजी को अभिवादन किया.

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